हमने माननीय राष्ट्रपति महोदय को पत्र लिखा था कि लोकतंत्र के मंदिर में सांसदों द्वारा अमानवीय भाषा का प्रयोग किया जाता है और इनको बचाव का रास्ता मिलता है कि संसद के अंदर कोई कार्यवाही नहीं होगी। तो हमने प्रार्थना की है कि उनके ऊपर भी कार्यवाही हो ताकि समाज का भारत का वातावरण दूषित ना हो
अगर कोई और भी पत्र भेजना चाहता हो भारत का वातावरण शुद्ध करने में अपना योगदान देना चाहता हो तो DM करें धन्यवाद वीडियो में हमने और वरिष्ठ पत्रकार नीरज कोहली जी ने लोकतंत्र के मंदिर का होता अनादर में अपने विचार व्यक्त किए है। धन्यवाद “खबरें अभी तक” हमें मंच देने के लिए