“एक हैं तो सेफ हैं” का सच @BJP4India @Narendra Modi यह दो मामले हैं एक उड़ीसा से हैं और दूसरा मामला उत्तर प्रदेश से है। दलितों के साथ ऐसा व्यवहार हमारे सनातन धर्म का अपमान है हमारे प्रभु श्री राम तो वह थे जिन्होंने शबरी के झूठे बेर खा लिए तो यह बोलना कि दलित शास्त्र नहीं पढ़ सकते दलित सामान्य वर्ग के साथ नहीं रह सकते यह गलत है यह जाति व्यवस्था इंसानों ने खुद बनाई है ईश्वर ने नहीं। मैं माननीय उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करना चाहूंगी कि इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर इस पर कार्यवाही की जाए क्योंकि यह पूरे भारत के लिए इस आधुनिक युग में इस तरीके की सोच और कृत्य भारत की छवि को शर्मसार कर रही है। अतः ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए औरपुलिस प्रशासन को भी इन लोगों के ऊपर त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए। अगर पुलिस प्रशासन कार्यवाही नहीं करता है तो यह पुलिस प्रशासन के ऊपर भी सवाल खड़े करेगा…..