मैं उत्तराखंड में देहरादून के जाखन की अंसल ग्रीन वैली सोसाइटी में गई थी। वहां के सचिव प्रवीण भारद्वाज जी से मेरी बातचीत हुई और पूरा मसला मैंने उनसे पूछा हमारे सवाल जवाब भी हुए। ये मामला उत्तराखंड के लिए एक काला पन्ना बन चुका है। भारद्वाज परिवार पर बिना आदेश के बुलडोजर चलाना, उनके साथ हाथापाई करना और @BJP4India @BJP4UK @pushkardhami के पार्षदों और कैबिनेट मंत्रियों का उसमें सम्मिलित रहना, नगर निगम, @uttarakhandcops @DehradunPolice पुलिस प्रशासन का उनके मुताबिक काम करना, जो काम पुलिस को करना चाहिए था वह काम भारद्वाज जी के पालतू कुत्ते ने किया उनके परिवार की रक्षा करके। बिना आदेश के बुलडोजर उनके घर पर चलना कानून की खुले आम हत्या है वो भी उन्हीं के द्वारा जो कानून का संरक्षण करते हैं। यह उत्तराखंड के लिए एक भयावह स्थिति पैदा करता है कि मामला 22 फरवरी 2023 का है और आज तक पुलिस ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है। तो मेरा सवाल उत्तराखंड सरकार @ukcmo @GovtUttarakhand और उत्तराखंड पुलिस से क्या बिना आदेश पर कार्यवाही केवल सज्जन लोगों पर होती है और दुराचारियों पर तो आदेश के बाद भी कार्यवाही नहीं होती क्यों??? उत्तराखंड सरकार व उत्तराखंड पुलिस द्वारा गुनहगारों को संरक्षण क्यों??? यही है रामराज की कानून व्यवस्था????